ट्रंप टैरिफ विवाद के बीच टोक्यो पहुंचे पीएम मोदी, जापानी पीएम के साथ 15वां वार्षिक शिखर सम्मेलन

ट्रंप टैरिफ विवाद के बीच टोक्यो पहुंचे पीएम मोदी, जापानी पीएम के साथ 15वां वार्षिक शिखर सम्मेलन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने से वैश्विक व्यापार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार रात जापान की दो दिवसीय यात्रा पर टोक्यो पहुंचे। यह उनकी आठवीं जापान यात्रा है और इस दौरान वह जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
भारत-जापान शिखर सम्मेलन: रणनीतिक साझेदारी पर फोकस
मोदी और इशिबा की यह बैठक दोनों देशों के विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने पर केंद्रित होगी। चर्चा के मुख्य बिंदु होंगे—
आर्थिक निवेश और व्यापार को और मज़बूत करना
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर्स और अन्य उभरती तकनीकों में सहयोग
रक्षा और सुरक्षा साझेदारी की समीक्षा
सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्तों को मजबूत करना
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और नवाचार से जुड़े कई समझौते हो सकते हैं।
जापान यात्रा का शेड्यूल
प्रधानमंत्री मोदी के व्यस्त कार्यक्रम में शामिल हैं:
सुबह हानेडा एयरपोर्ट पर आगमन
जापानी गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात
शोरिनज़ान दारुमा-जी मंदिर में दारुमा गुड़िया की भेंट
भारत-जापान शिखर सम्मेलन में भागीदारी
जापानी पीएम इशिबा के साथ कार्यकारी रात्रिभोज और मियागी प्रीफेक्चर का दौरा
इसके अलावा, भारत और जापान के उद्योगपतियों की बैठक भी होगी जिसमें क्वाड सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर चर्चा होगी।
वैश्विक साझेदारी पर पीएम मोदी का संदेश
यात्रा से पहले पीएम मोदी ने कहा कि जापान और चीन की उनकी यात्राएं भारत के राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं को और मज़बूत करेंगी। उन्होंने कहा—
“मुझे विश्वास है कि मेरी जापान और चीन यात्राएं हमारे राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाएंगी और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति, सुरक्षा तथा सतत विकास में सहयोग को नई दिशा देंगी।”
जापान के बाद चीन यात्रा
जापान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह उनकी सात साल बाद पहली चीन यात्रा होगी और 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद का पहला दौरा है।
चीन में मोदी की मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित अन्य देशों के नेताओं से होगी। भारत ने SCO में अपनी अध्यक्षता के दौरान नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक सहयोग पर नई पहल की है, जिसका उल्लेख प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में किया।
ट्रंप के टैरिफ विवाद से उपजे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल के बीच पीएम मोदी की जापान और चीन यात्राएं भारत की कूटनीतिक और आर्थिक रणनीति को नया आयाम देंगी। भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊर्जा देगा, जबकि चीन में होने वाला SCO सम्मेलन भारत की क्षेत्रीय और वैश्विक भूमिका को और मज़बूत करेगा।





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