सावन में प्रेम की डुबकी! खड़े होकर रचाई 7 फेरों की शादी जलमग्न कंकालीतला मंदिर में पानी में ।

सावन में प्रेम की डुबकी! खड़े होकर रचाई 7 फेरों की शादी जलमग्न कंकालीतला मंदिर में पानी में ।
बीरभूम ज़िले का प्रसिद्ध शक्तिपीठ कंकालीतला मंदिर इन दिनों लगातार बारिश के चलते पानी में डूबा हुआ है। चारों तरफ घुटनों तक पानी भरा है, लेकिन इस जलजमाव के बीच एक प्रेमी जोड़े ने ऐसा काम कर दिखाया कि वह पल हर किसी के दिल को छू गया। श्रद्धा, प्रेम और हिम्मत के संग एक अनोखी शादी का गवाह बना यह मंदिर।
सावन में प्रेम की डुबकी! प्रियतोष और श्रावणी की
बीरभूम ज़िले के इलामबाजार के निवासी प्रियतोष राय और श्रावणी सरकार लंबे समय से प्रेम-प्रसंग में जुड़े हुए थे। दोनों ने तय किया कि सावन मास में भगवान शिव के आशीर्वाद के साथ विवाह करेंगे। इसके लिए उन्होंने कंकालीतला मंदिर को अपने विवाह स्थल के रूप में चुना—यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से पवित्र है, बल्कि शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।
सावन में प्रेम की डुबकी! प्रकृति की बड़ी चुनौती को हराया
लेकिन जिस दिन विवाह तय था, उसी दिन प्रकृति ने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। कोपाई नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण मंदिर परिसर पूरी तरह पानी में डूब गया। चारों ओर घुटनों तक पानी फैला हुआ था। सामान्य हालात में लोग विवाह टाल देते, लेकिन इस जोड़े ने ऐसा नहीं किया।
दूल्हा प्रियतोष ने अपनी धोती समेटी और दुल्हन श्रावणी ने अपनी साड़ी संभाली और दोनों जल में उतर गए। मंदिर परिसर के भीतर ही घुटनों तक पानी में खड़े होकर सात फेरे लिए गए। न तो मंत्र रुके, न वरमाला और न ही परंपरा—सब कुछ जल में खड़े-खड़े संपन्न हुआ।
सावन में प्रेम की डुबकी! सावन मास की धार्मिक पवित्रता, शिव का आशीर्वाद,
सावन मास की धार्मिक पवित्रता, शिव का आशीर्वाद, भक्तिभाव और प्रेम का साहस—इन सभी ने मिलकर इस शादी को यादगार बना दिया। स्थानीय लोग, श्रद्धालु और परिवार के सदस्य भी इस दृश्य को देखकर भावविभोर हो उठे।

सावन में प्रेम की डुबकी! खड़े होकर रचाई 7 फेरों की शादी ,जलमग्न कंकालीतला मंदिर में पानी में ।
नववधू श्रावणी सरकार ने विवाह के बाद कहा,
“यह पल हमारी ज़िंदगी की सबसे सुंदर याद बन गया है। पानी हमें रोक नहीं सका, क्योंकि हमारा प्रेम सच्चा है और महादेव का आशीर्वाद हमारे साथ है। इस शादी को हम कभी नहीं भूल पाएंगे।”
स्थानीय श्रद्धालुओं और मन्दिर से जुड़े लोगों ने भी इस शादी को लेकर खुशी जताई। उनका कहना था कि यह विवाह केवल एक रस्म नहीं था, बल्कि आस्था और प्रेम की मिसाल बन गया है।
सावन में प्रेम की डुबकी!सच्चा प्रेम और विश्वास किसी भी बाधा को पार कर सकता है
यह घटना यह संदेश देती है कि सच्चा प्रेम और विश्वास किसी भी बाधा को पार कर सकता है। चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, यदि साथ में हिम्मत और एक-दूसरे पर भरोसा हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं रहती। यह अद्भुत विवाह सावन की रिमझिम बारिश में, कंकालीतला की पवित्र धरती पर, प्रेम और आस्था के बीच सम्पन्न हुआ।
सावन में प्रेम की डुबकी! एक अनोखी शादी
इस अनोखी शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई हैं, जहां लोग इस साहसी जोड़े की हिम्मत और प्रेम को सलाम कर रहे हैं।
इस शादी ने यह दिखा दिया कि न प्रेम रुकता है, न परंपरा और न ही आस्था—अगर संकल्प मजबूत हो तो रास्ता अपने आप बन जाता है। कंकालीतला मंदिर का यह जलमग्न विवाह आने वाले समय में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


















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