डिबुडिह में पैड KK सिंडिकेट का आतंक: 18 बालू लदे ट्रक रोके, वसूली की कोशिश — परिवहन व्यवसायियों में आक्रोश

डिबुडिह में पैड KK सिंडिकेट का आतंक: 18 बालू लदे ट्रक रोके, वसूली की कोशिश — परिवहन व्यवसायियों में आक्रोश
डिबुडिह (बंगाल-झारखंड सीमा): सीमावर्ती इलाके डिबुडिह चेकपोस्ट पर एक बार फिर पैड सिंडिकेट का आतंक देखने को मिला है। ताज़ा मामले में सिंडिकेट से जुड़े शशि और राजन नामक व्यक्तियों पर आरोप है कि उन्होंने 18 बालू लदे ट्रकों को जबरन रोककर प्रति ट्रक ₹10,000 की अवैध वसूली की कोशिश की। बताया जा रहा है कि यह रकम “पैड शुल्क” के नाम पर मांगी जा रही थी, जो अब एक संगठित वसूली तंत्र में बदल चुका है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, डिबुडिह क्षेत्र में लंबे समय से अवैध वसूली का यह खेल चल रहा है। झारखंड से पश्चिम बंगाल में प्रवेश करने वाले ट्रक चालकों को हर बार सिंडिकेट के लोगों के दबाव का सामना करना पड़ता है। चालक और ट्रक मालिकों का कहना है कि कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ट्रक चालकों ने बताया कि सिंडिकेट का यह नेटवर्क “केके ग्रुप” से जुड़ा बताया जा रहा है, जो सीमाई इलाकों में पैड के नाम पर रुपये वसूलता है। इस बार भी “शशि” और “मिश्रा” नामक व्यक्तियों ने झारखंड से बंगाल में प्रवेश करते समय डिबुडिह चेकपोस्ट पर ट्रकों को रोककर वसूली की कोशिश की।
इस घटना के बाद ट्रक ड्राइवरों और परिवहन व्यवसायियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाया तो वे चक्का जाम आंदोलन पर उतरने को मजबूर होंगे।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। हालांकि, बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक इन सिंडिकेट के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई नहीं होती, तब तक सीमावर्ती मार्गों पर ट्रकों की सुरक्षित आवाजाही संभव नहीं है।



















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