West Bengal Politics टीएमसी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुईं राज्यसभा सांसद मौसम नूर, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक बदलाव

West Bengal Politics टीएमसी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुईं राज्यसभा सांसद मौसम नूर, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक बदलाव
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पूर्व तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद मौसम नूर ने टीएमसी की सदस्यता छोड़कर कांग्रेस में शामिल होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। उन्होंने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को इस्तीफा भेजने के साथ ही राज्यसभा सदस्यता से भी इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। मौसम नूर ने कांग्रेस में वापसी करते हुए इसे घर वापसी बताया।
West Bengal Politics तृणमूल से फ़िर कांग्रेस में
दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार की उपस्थिति में मौसम नूर ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। मौसम नूर 2009 और 2014 में मालदा उत्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस की सांसद रह चुकी हैं। 2019 का चुनाव उन्होंने टीएमसी से लड़ा था, जिसके बाद 2020 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया था।
West Bengal Politics मौसम नूर मालदा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता बरकत गनी खान चौधरी की भांजी
मौसम नूर मालदा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता बरकत गनी खान चौधरी की भांजी हैं। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने टीएमसी किसी नाराजगी के कारण नहीं छोड़ी, बल्कि गनी खान चौधरी परिवार और कांग्रेस की एकजुटता को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, वे निभाएंगी और बंगाल में बदलाव चाहती हैं।
West Bengal Politics मौसम नूर की आसनसोल में हुई है शादी
मौसम नूर के कांग्रेस में आने से मुस्लिम बहुल मालदा क्षेत्र में पार्टी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। मालदा दक्षिण सीट से कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी का उनसे पारिवारिक संबंध भी है। ईशा खान और मौसम नूर भाई–बहन के रिश्ते में हैं, साथ ही ईशा खान की पत्नी मौसम नूर की सगी बहन हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव में मालदा उत्तर सीट पर टीएमसी उम्मीदवार के रूप में मौसम नूर और कांग्रेस उम्मीदवार ईशा खान आमने-सामने थे, जहां मुकाबले का फायदा भाजपा को मिला। 2024 के चुनाव में मौसम नूर ने चुनाव नहीं लड़ा, जबकि ईशा खान मालदा दक्षिण सीट से मैदान में थे। मौसम नूर के कांग्रेस में लौटने के दौरान ईशा खान भी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, टीएमसी में रहते हुए भी मौसम नूर के पारिवारिक रिश्तों में कोई दरार नहीं आई थी। पार्टी में पहले उन्हें मालदा जिला अध्यक्ष बनाया गया, बाद में मालदा दक्षिण लोकसभा सीट का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया। राजनीतिक परिस्थिति को देखते हुए उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क किया और वापसी का निर्णय लिया।
इसी बीच, मौसम नूर के कांग्रेस में शामिल होने को इंडिया गठबंधन पर असर के सवाल पर जयराम रमेश ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन्हें पहले इंडिया गठबंधन का नाम लेने में संकोच था, वे आज उसी की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गनी खान चौधरी कांग्रेस के स्तंभ थे और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस फिर उभरकर सामने आएगी।


















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