Coal DO Syndicate Active सत्ता बदलते ही जामुड़िया में फिर कथित डीओ सिंडिकेट के सक्रिय होने के आरोप, कोयला कारोबारियों से अवैध वसूली की शिकायत
प्रति टन 150 रुपये रंगदारी मांगने का दावा, भाजपा ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

Coal DO Syndicate Active सत्ता बदलते ही जामुड़िया में फिर कथित डीओ सिंडिकेट के सक्रिय होने के आरोप, कोयला कारोबारियों से अवैध वसूली की शिकायत
Coal DO Syndicate Active आसनसोल के जामुड़िया क्षेत्र में एक बार फिर कथित कोयला डीओ सिंडिकेट के सक्रिय होने के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की विभिन्न कोलियरियों और साइडिंगों से कोयला उठाने वाले कारोबारियों से प्रति टन 150 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
Coal DO Syndicate Active पहले हुई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कोयला और बालू सिंडिकेट के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई थी। कुछ समय पहले कथित कोयला डीओ सिंडिकेट और रंगदारी वसूली से जुड़े मामले में विजय सिंह समेत 14 लोगों की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा था कि यह नेटवर्क पूरी तरह खत्म हो गया है। अब एक बार फिर जामुड़िया से ऐसे आरोप सामने आए हैं।
Coal DO Syndicate Active कई परियोजनाओं का नाम आया सामने
आरोपों के मुताबिक, ईसीएल की जेके नगर साइडिंग, कुनुस्तोड़िया कोलियरी, बेलबाद साइडिंग, बासड़ा और नॉर्थ सियारसोल सहित कई परियोजनाओं में कोयला उठाव के दौरान व्यापारियों से कथित तौर पर प्रति टन 150 रुपये की अवैध राशि वसूली जा रही है।
Coal DO Syndicate Active व्यापारियों ने लगाए धमकी के आरोप
स्थानीय कारोबारियों का आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर उन्हें धमकियां दी जाती हैं। कुछ मामलों में मारपीट और चालान छीनने जैसी घटनाओं का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
Coal DO Syndicate Active भाजपा ने की जांच की मांग
जामुड़िया विधानसभा भाजपा के संयोजक बृजमोहन पासवान ने आरोप लगाया कि कुछ लोग दोबारा कथित डीओ सिंडिकेट को सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवैध सिंडिकेट व्यवस्था को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
Coal DO Syndicate Active प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
भाजपा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इन आरोपों के बाद क्षेत्र में कई सवाल उठ रहे हैं। अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित डीओ सिंडिकेट दोबारा सक्रिय हुआ है या मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। पूरे घटनाक्रम पर व्यापारियों, स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों की नजर प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर बनी हुई है।





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