Caneda News कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा है’, ट्रंप का बयान, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर तंज

Caneda News कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा है’, ट्रंप का बयान, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर तंज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि कनाडा का अस्तित्व अमेरिका की वजह से है। साथ ही उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसा भाषण दिया जिसमें महान शक्तियों द्वारा दबाव बनाने की निंदा की गई थी।
स्विट्जरलैंड के दावोस में बोलते हुए ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की अपनी योजना का फिर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें यह डेनिश क्षेत्र अपने प्रस्तावित ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए चाहिए, जो पूरे उत्तरी अमेरिका को कवर कर सकती है।
ट्रंप ने कहा कि भौगोलिक स्थिति के कारण यह ‘गोल्डन डोम’ कनाडा की भी रक्षा करेगा, लेकिन कनाडा इसके लिए पर्याप्त आभार नहीं जता रहा है। उन्होंने कहा कि मार्क कार्नी पहले भी इस योजना में कनाडा की भागीदारी या भुगतान को लेकर स्पष्ट रुख नहीं दिखा चुके हैं।
ट्रंप ने कहा, “कनाडा हमें बहुत सारी मुफ्त सुविधाएं लेता है। उन्हें आभारी होना चाहिए, लेकिन वे नहीं हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने कल आपके प्रधानमंत्री को देखा। वे इतने आभारी नहीं थे — उन्हें अमेरिका का आभारी होना चाहिए, कनाडा को। कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा है।” यह टिप्पणी महाद्वीप को अमेरिका द्वारा दी जाने वाली सैन्य सुरक्षा की ओर इशारा मानी जा रही है।
ट्रंप ने कहा, “मार्क, अगली बार जब तुम अपने बयान दोगे तो यह याद रखना।” हालांकि यह टिप्पणी उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री से नहीं कही, क्योंकि कार्नी ट्रंप के भाषण से पहले ही सम्मेलन छोड़ चुके थे। शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात भी नहीं हुई।
ट्रंप का नाम लिए बिना, कार्नी ने “अमेरिकी वर्चस्व” का जिक्र किया और मंगलवार को कहा था कि विश्व शक्तियां आर्थिक एकीकरण को “हथियार” की तरह इस्तेमाल कर रही हैं।
कार्नी ने कहा, “कनाडाई जानते हैं कि यह पुरानी और आरामदायक धारणा अब मान्य नहीं रही कि हमारी भौगोलिक स्थिति और गठबंधनों की सदस्यता हमें अपने आप समृद्धि और सुरक्षा दे देगी।”
इस नई स्थिति से जूझते हुए कार्नी ने कहा कि कनाडा को “सिद्धांतवादी और व्यावहारिक” होना होगा और देश को मजबूत करने के लिए अंदर की ओर ध्यान देना होगा। साथ ही व्यापारिक रिश्तों में विविधता लाकर अमेरिका जैसे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी, क्योंकि अब यह साफ हो गया है कि एकीकरण से “अधीनता” भी आ सकती है।
कार्नी ने कहा कि यह अधिक अलगाववादी रुख, जहां “किलों की दुनिया” होगी, देशों को और गरीब, कमजोर और कम टिकाऊ बना देगा। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति आने वाली है और कनाडा को समान सोच वाले सहयोगियों के साथ मिलकर बड़े, अमीर और हथियारों से लैस देशों के प्रभुत्व के खिलाफ खड़ा होना होगा।
उन्होंने कहा, “पुराना व्यवस्था लौटने वाली नहीं है। हमें उसका शोक नहीं मनाना चाहिए। नॉस्टेल्जिया कोई रणनीति नहीं है। लेकिन इस टूटन से हम कुछ बेहतर, मजबूत और अधिक न्यायपूर्ण बना सकते हैं।”
अपने लंबे और बिखरे हुए भाषण के दौरान ट्रंप ने फिर कनाडा का जिक्र किया, जब वह अपने वैश्विक टैरिफ शासन के कथित फायदों का बखान कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इन टैरिफ की वजह से “सैकड़ों बड़ी फैक्ट्रियां और कार प्लांट” वापस अमेरिका आ रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, “वे कनाडा से आ रहे हैं, मैक्सिको से आ रहे हैं, जापान से आ रहे हैं। जापान यहां प्लांट बना रहा है ताकि टैरिफ से बच सके।”
ट्रंप कनाडा के ऑटो सेक्टर को हुए नुकसान को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं।
मंगलवार को व्हाइट हाउस में अपनी दूसरी शपथ के एक साल पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कनाडा के ऑटो उद्योग की परेशानी को अपनी उपलब्धियों में से एक बताया।
पिछले हफ्ते मिशिगन के डियरबॉर्न में एक फोर्ड फैक्ट्री में श्रमिकों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकियों को “कनाडा में बनी कारों की जरूरत नहीं है।”
2024 में वाहन कनाडा का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात रहा, जिसकी कीमत 46.5 अरब डॉलर थी, जिसमें से 92 प्रतिशत निर्यात अमेरिका को किया गया
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