US Caneda News: अमेरिका की राजनीतिक उथल-पुथल का सबसे ज्यादा असर कनाडा पर पड़ सकता है: रिपोर्ट

US Caneda News: अमेरिका की राजनीतिक उथल-पुथल का सबसे ज्यादा असर कनाडा पर पड़ सकता है: रिपोर्ट
एक नई वैश्विक जोखिम आकलन रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अमेरिका में किसी भी तरह की राजनीतिक उथल-पुथल का सबसे गहरा असर कनाडा पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, कोई भी देश अमेरिका की राजनीतिक अस्थिरता से उतना “गंभीर रूप से प्रभावित” नहीं होगा, जितना कनाडा।
सोमवार को प्रकाशित यूरेशिया ग्रुप की “टॉप रिस्क्स फॉर 2026” रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के साथ गहरे आर्थिक, सुरक्षा और भौगोलिक संबंधों के कारण कनाडा दक्षिणी सीमा पर होने वाले किसी भी बड़े राजनीतिक बदलाव के प्रति बेहद संवेदनशील है।
राजनीतिक जोखिम पर नजर रखने वाली कंसल्टेंसी यूरेशिया ग्रुप ने अमेरिका में संभावित “राजनीतिक क्रांति” को वर्ष 2026 के लिए वैश्विक स्थिरता के सबसे बड़े खतरों में से एक बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्ता को केंद्रीकृत करने, सरकार की मशीनरी पर कब्जा करने और इसे अपने विरोधियों के खिलाफ इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा अमेरिका से भौगोलिक स्थिति, व्यापार और रक्षा के स्तर पर गहराई से जुड़ा हुआ है। ऐसे में वॉशिंगटन में अचानक होने वाले राजनीतिक या नीतिगत बदलावों का असर कनाडा पर असमान रूप से ज्यादा पड़ सकता है।
कनाडा के पूर्व विदेश मंत्री लॉयड एक्सवर्थी ने सीटीवी के कार्यक्रम योर मॉर्निंग में कहा कि ये खतरे अब साफ तौर पर सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन यह मानता है कि वह पश्चिमी गोलार्ध का मालिक है और जिसे चाहे, जब चाहे, जैसा चाहे वैसा कर सकता है। एक्सवर्थी ने चेतावनी दी कि कनाडा को अमेरिका के अधिक आक्रामक और लेन-देन आधारित रवैये के लिए तैयार रहना होगा।
आर्कटिक और ग्रीनलैंड बन सकते हैं दबाव के केंद्र
लॉयड एक्सवर्थी ने आर्कटिक क्षेत्र और खासकर ग्रीनलैंड को उभरता हुआ “दबाव बिंदु” बताया, जिसका सीधा असर कनाडा की संप्रभुता और सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जैसे ट्रंप ने वेनेजुएला के मामले में रवैया अपनाया है, वैसा ही दृष्टिकोण वह ग्रीनलैंड को लेकर भी अपना सकते हैं।
एक्सवर्थी के अनुसार, इससे अमेरिका को आर्कटिक पर मजबूत पकड़ मिल सकती है, जो कनाडा के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह इलाका उसका पड़ोस माना जाता है।
यूरेशिया ग्रुप की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आर्कटिक क्षेत्र में वैश्विक शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। बर्फ पिघलने से नए शिपिंग रूट और महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच आसान हो रही है, जिससे इस क्षेत्र का महत्व बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और रूस दोनों ही इस इलाके में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं, जिससे कनाडा के लिए जोखिम और बढ़ जाता है।
तैयारी में पीछे है कनाडा
रिपोर्ट में बताए गए कई भू-राजनीतिक खतरों के बीच एक्सवर्थी ने कहा कि कनाडा की कमजोरी घरेलू स्तर पर जागरूकता और तैयारी की कमी से और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि कनाडाई नागरिकों को इन मुद्दों पर ज्यादा सक्रिय होना होगा और यह जिम्मेदारी केवल प्रधानमंत्री कार्यालय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक सहयोग उस समय कमजोर पड़ रहा है, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। एक्सवर्थी के मुताबिक, ट्रंप उन अंतरराष्ट्रीय ढांचों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें वैश्विक शक्तियों पर नियंत्रण और सहयोग सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था, चाहे वह जलवायु हो, व्यापार हो या सैन्य सुरक्षा।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए कनाडा को अपने कूटनीतिक तंत्र को पूरी ताकत से सक्रिय करना होगा।





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