एयर इंडिया फ्लाइट हादसे से बची 2 घंटे हवा में मंडराती रही, कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल का बड़ा आरोप

एयर इंडिया फ्लाइट हादसे से बची 2 घंटे हवा में मंडराती रही, कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल का बड़ा आरोप
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि एयर इंडिया की फ्लाइट हादसे से बाल-बाल बची। उनके अनुसार, यह घटना तिरुवनंतपुरम से दिल्ली जा रही एयर इंडिया फ्लाइट में घटी, जब विमान को खराब मौसम के कारण चेन्नई एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया।
वेणुगोपाल ने बताया कि उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही मौसम बिगड़ गया, जिसके कारण पायलट को तिरुवनंतपुरम से सीधा दिल्ली जाने की बजाय विमान को चेन्नई भेजने का निर्देश मिला। लेकिन यहां एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से समय पर लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली।

एयर इंडिया फ्लाइट हादसे से बची 2 घंटे हवा में मंडराती रही, कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल का बड़ा आरोप
दो घंटे हवा में मंडराती रही फ्लाइट
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि लैंडिंग की अनुमति न मिलने के कारण फ्लाइट को करीब दो घंटों तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। इस दौरान विमान में बैठे यात्रियों में चिंता और घबराहट फैल गई। कई यात्री मानसिक रूप से परेशान हो गए, जबकि बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह सफर और भी कठिन हो गया।
रनवे पर पहले से मौजूद थी दूसरी फ्लाइट
वेणुगोपाल ने कहा कि जब अंततः चेन्नई एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति मिली, तो रनवे पर पहले से ही एक अन्य फ्लाइट मौजूद थी। यह स्थिति विमानन सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक मानी जाती है।
रनवे पर दूसरी फ्लाइट मौजूद होने के कारण एयर इंडिया के पायलट को लैंडिंग प्रक्रिया को तुरंत रद्द करना पड़ा और विमान को वापस हवा में उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह केवल पायलट की सतर्कता थी, जिसकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया।
पायलट का त्वरित फैसला बचा गया हादसा
कांग्रेस सांसद के मुताबिक, यदि पायलट ने थोड़ी भी देर की होती, तो विमान रनवे पर मौजूद दूसरे विमान से टकरा सकता था। उन्होंने कहा कि यह मामला एयर इंडिया सुरक्षा प्रोटोकॉल और ATC के समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यात्रियों को स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई
वेणुगोपाल ने यह भी आरोप लगाया कि करीब दो घंटे हवा में मंडराने के दौरान यात्रियों को स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई। उन्होंने कहा कि एयरलाइन की यह जिम्मेदारी है कि यात्रियों को समय-समय पर सही जानकारी दी जाए।
जांच और कार्रवाई की मांग
उन्होंने मांग की कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। साथ ही, जो भी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
वेणुगोपाल ने कहा कि खराब मौसम एक सामान्य बात है, लेकिन इस तरह की चूक एयर इंडिया फ्लाइट सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का उदाहरण है। यदि समय रहते पायलट ने इमरजेंसी में लैंडिंग रद्द नहीं की होती, तो नतीजे बेहद खतरनाक हो सकते थे।
विमानन सुरक्षा पर उठे सवाल
कांग्रेस सांसद का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा एयरलाइन और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लेकिन इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि प्रणाली में गंभीर खामियां हैं।
उन्होंने कहा कि एयर इंडिया और DGCA को इस मामले की पारदर्शी रिपोर्ट जारी करनी चाहिए, ताकि जनता को सच्चाई पता चल सके। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार को इस घटना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह महज एक तकनीकी गलती नहीं बल्कि विमानन सुरक्षा उल्लंघन का मामला है।
बड़ा हादसा टल गया
वेणुगोपाल ने कहा कि पायलट ने इमरजेंसी में लैंडिंग कैंसिल कर वापस टेक ऑफ किया, जिससे यात्रियों की जान बची। उन्होंने कहा कि यह घटना एक चेतावनी है कि एयर इंडिया फ्लाइट ऑपरेशन में समन्वय की कमी भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
यात्रियों में दहशत
इस घटना के बाद विमान में बैठे यात्रियों में दहशत का माहौल था। कई यात्रियों ने उतरने के बाद अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि वे कभी नहीं भूल पाएंगे कि किस तरह विमान हवा में लगातार मंडराता रहा और फिर लैंडिंग कैंसिल हो गई।
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल के इस बयान ने विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एयर इंडिया, DGCA और एयरपोर्ट प्राधिकरण इस मामले की जांच में क्या कदम उठाते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।


















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