Jharkhand देवघर में बड़ा सड़क हादसा: बिहार से आई बस और ट्रक की टक्कर में 6 कांवड़ियों की मौत, 30 से अधिक घायल

Jharkhand देवघर में बड़ा सड़क हादसा: बिहार से आई बस और ट्रक की टक्कर में 6 कांवड़ियों की मौत, 30 से अधिक घायल
रिपोर्ट मोहन सिंह: jharkhand देवघर सावन के पवित्र महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार की सुबह भयावह साबित हुई। झारखंड के देवघर जिले में एक बड़ा सड़क हादसा उस समय हुआ जब बिहार से आ रही कांवड़ियों की एक बस की ट्रक से आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 कांवड़ियों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

Jharkhand देवघर में बड़ा सड़क हादसा: बिहार से आई बस और ट्रक की टक्कर में 6 कांवड़ियों की मौत, 30 से अधिक घायल
यह दुर्घटना देवघर-बासुकीनाथ मुख्य मार्ग पर मोहनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत जमुनिया चौक के पास सुबह करीब 7:15 बजे घटी। घटना के समय बस बिहार से कांवड़ लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर जा रही थी। उसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से बस की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए।
मौके पर चीख-पुकार, राहत-बचाव कार्य में जुटे स्थानीय लोग
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। चारों ओर घायल लोगों की चीख-पुकार गूंजने लगी। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सूचना पाकर मोहनपुर थाना की पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई और कटर की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।
घायलों को आनन-फानन में एंबुलेंस के जरिए देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ घायलों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए बाहर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
मृतकों की पहचान, सभी बिहार निवासी
हादसे में मृत सभी कांवड़िये बिहार राज्य के बताए जा रहे हैं। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में अधिकतर लोग बेतिया और गया जिलों के रहने वाले हैं। सभी लोग सावन के पवित्र अवसर पर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर आए थे और आगे बासुकीनाथ जाने की योजना थी।
देवघर-बासुकीनाथ मार्ग पर भारी भीड़, सुरक्षा पर उठे सवाल
देवघर इन दिनों श्रावणी मेला के चलते श्रद्धालुओं से भरा हुआ है। बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर के दर्शन के लिए झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में देवघर-बासुकीनाथ मार्ग पर हर दिन अत्यधिक भीड़ और यातायात का दबाव देखा जा रहा है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी भीड़-भाड़ के बावजूद प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। ना तो स्पीड ब्रेकर हैं, ना ही निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस हादसे ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है।
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजे की मांग
घटना के बाद देवघर जिला प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल और अस्पताल का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की। स्थानीय संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और घायलों के समुचित इलाज की मांग की है।
राज्य सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्द ही इस पर बयान जारी कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं में भय और निराशा
इस दुर्घटना के बाद श्रद्धालुओं में भय और चिंता का माहौल बन गया है। सावन के इस पवित्र महीने में इस तरह की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। कई श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा बीच में ही रोक दी है, वहीं अनेक ने प्रशासन से रास्तों पर अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है।
देवघर में हुआ यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न है। जब लाखों लोग हर वर्ष सावन में यहां पहुंचते हैं, तो ऐसे मार्गों पर सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर प्रशासन और सरकार को चेताया है कि श्रद्धालुओं की जान की कीमत किसी भी व्यवस्था से कम नहीं हो सकती। ज़रूरत है समय रहते उचित कदम उठाने की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और श्रद्धालुओं की आस्था को किसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।





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