PUNJABI POST

News & Media

सिलीगुड़ी में अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बयान, कार्यक्रम स्थल और प्रशासन की भूमिका पर जताई चिंता

सिलीगुड़ी में अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बयान, कार्यक्रम स्थल और प्रशासन की भूमिका पर जताई चिंता

सिलीगुड़ी में अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बयान, कार्यक्रम स्थल और प्रशासन की भूमिका पर जताई चिंता

सिलीगुड़ी में अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बयान, कार्यक्रम स्थल और प्रशासन की भूमिका पर जताई चिंता

सिलीगुड़ी में अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बयान, कार्यक्रम स्थल और प्रशासन की भूमिका पर जताई चिंता

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को सिलीगुड़ी में आयोजित नौवें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में रहने वाले संथाल और अन्य आदिवासी समुदायों के विकास को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद इन समुदायों को अभी तक विकास का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस क्षेत्र के संथाल और अन्य आदिवासी पूरी तरह प्रगति कर पा रहे हैं। विकास के लाभ उस स्तर तक नहीं पहुंचे हैं, जहां तक पहुंचने चाहिए थे।

कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने आयोजन स्थल बदलने और ममता बनर्जी प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय संथाल काउंसिल का सम्मेलन जिस बड़े मैदान में होना था, वह काफी विशाल है और वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो सकते थे। लेकिन प्रशासन ने अंतिम समय में कार्यक्रम को एक छोटी जगह पर स्थानांतरित कर दिया, जहां संथाल समुदाय के अधिक लोग नहीं पहुंच सके।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि प्रशासन ने पहले मैदान की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में इसे कंजेस्टेड बताते हुए कार्यक्रम को दूसरी जगह ले जाया गया। उन्होंने कहा कि मैदान को देखकर ऐसा लगता है कि यहां लाखों लोग आसानी से एकत्र हो सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि इसी कारण उन्होंने स्वयं वहां जाकर स्थिति देखने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि वहां केवल साफ-सफाई की जरूरत है, जबकि स्थान पर्याप्त बड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कार्यक्रम ऐसी जगह रखा जहां संथाल समाज के लोग आसानी से नहीं पहुंच सके।

उन्होंने यह भी कहा कि संथाल समाज मुख्य रूप से साल (सखुआ) के वृक्ष की पूजा करता है, लेकिन वहां बरगद का पेड़ रखा गया था। पूछने पर उन्हें बताया गया कि साल की टहनियां लाकर पूजा की जाती है। राष्ट्रपति ने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में साल के पेड़ लगाए जाने चाहिए और प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और संथाल समाज के साथ-साथ प्रकृति और पेड़-पौधों का भी सम्मान होना चाहिए। सभी को अपने विकास के प्रयासों में सहयोग मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उन्हें उस स्थान की स्थिति उतनी संतोषजनक नहीं लगी, इसलिए वे स्वयं वहां पहुंचीं। उन्होंने यह भी कहा कि शायद प्रशासन यह चाहता था कि लोग वहां न आएं और राष्ट्रपति केवल औपचारिक रूप से कार्यक्रम पूरा कर चली जाएं।

राष्ट्रपति ने शिष्टाचार का उल्लेख करते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति का आगमन होता है तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों का उपस्थित रहना अपेक्षित होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कार्यक्रम में नहीं आईं और राज्यपाल का तबादला हो जाने के कारण वे भी उपस्थित नहीं हो पाए।

राष्ट्रपति ने कहा कि कार्यक्रम की तिथि पहले से तय थी, इसलिए वे वहां पहुंचीं। उन्होंने उपस्थित लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि अल्प सूचना के बावजूद हजारों लोग वहां एकत्र हुए।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने सभी समुदायों से मिल-जुलकर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल संथाल या आदिवासी समाज का नहीं, बल्कि आदिवासियों, गैर-आदिवासियों, हिंदी भाषियों, बंगालियों और गोरखाओं सभी का देश है और सभी को भाईचारे के साथ रहना चाहिए।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वह केवल यह देखने आई थीं कि प्रशासन ने जिस जगह को कंजेस्टेड बताया था, उसकी वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि यदि जगह की कमी होती तो वह सरकार से कहकर जगह उपलब्ध कराने का प्रयास करतीं, लेकिन वहां पर्याप्त स्थान मौजूद है।

राष्ट्रपति ने कहा कि वह भी बंगाल की बेटी हैं और ममता बनर्जी उनकी छोटी बहन जैसी हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि मुख्यमंत्री उनसे किसी बात पर नाराज हैं या नहीं, लेकिन उन्हें कोई गिला-शिकवा नहीं है और वह चाहती हैं कि सभी खुश और स्वस्थ रहें।

 


Discover more from PUNJABI POST

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

AI car modification · jojobet · jojobet · buy quality backlinks · dofollow backlinks · comprar backlinks de calidad · quality backlinks · serviço de backlinks

Discover more from PUNJABI POST

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading