बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल, भाजपा सांसद ने धारा 356 लागू करने की उठाई मांग।

बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल, भाजपा सांसद ने धारा 356 लागू करने की उठाई मांग
आसनसोल: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चल रही एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा एक साथ सात अधिकारियों को निलंबित किए जाने के फैसले के बाद इस मुद्दे ने नया मोड़ ले लिया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई के लिए राज्य सचिव से भी अपील की है।
आसनसोल के जिला पार्टी कार्यालय में पहुंचे राणाघाट से भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने चुनाव आयोग के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कुछ अधिकारियों द्वारा गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और वैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई हैं।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ एईआरओ (AERO) और एफईओ (FEO) अधिकारियों की वजह से एसआईआर प्रक्रिया सही ढंग से संचालित नहीं हो पा रही है। उनका दावा है कि यदि प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुचारु रूप से चलाना है तो राज्य में धारा 356 लागू करना आवश्यक हो सकता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितता बरतने के मामले में एईआरओ, आरओ (RO) और डीएम (DM) स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। उनके अनुसार, इन अधिकारियों की मदद से राज्य सरकार द्वारा जारी दस्तावेजों के आधार पर अवैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग के नियमों की अनदेखी की जा रही है।
भाजपा सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी की पहले भी मांग रही है और अब भी मांग है कि सभी वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएं, जबकि बांग्लादेशी, घुसपैठिया, मृत और अवैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएं।
उन्होंने दावा किया कि फिलहाल सात अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, लेकिन जल्द ही अन्य अधिकारियों के नाम भी उजागर होंगे और चुनाव आयोग उनके खिलाफ भी कार्रवाई करें।


















Leave a Reply