2026 चुनाव से पहले आसनसोल में बढ़ा सियासी तापमान, नेताओं के बीच कोयला–लोहा–जमीन माफिया को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज, रेलपार में ड्रग्स और लोहा कारोबार पर महासंग्राम

2026 चुनाव से पहले आसनसोल में बढ़ा सियासी तापमान, नेताओं के बीच कोयला–लोहा–जमीन माफिया को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज, रेलपार में ड्रग्स और लोहा कारोबार पर महासंग्राम
आसनसोल, पश्चिम बंगाल — 2026 विधानसभा चुनाव की घोषणा में अब कुछ ही महीने बचे हैं, ऐसे में आसनसोल का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। राजनीतिक दलों के नेता जहां अपनी-अपनी पार्टियों को मजबूत दिखाने में जुटे हैं, वहीं एक-दूसरे पर आरोप लगाने का सिलसिला भी तेज हो गया है। मतदाताओं को लुभाने के वादों के बीच नेताओं की खींचातानी ने क्षेत्र का सियासी पारा लगातार बढ़ा दिया है।
आसनसोल में 29 नवंबर से यह राजनीतिक तापमान में इज़ाफ़ा
29 नवंबर से यह राजनीतिक तापमान और अधिक बढ़ता दिखा, जब गिरजामोड़ में भाजपा द्वारा आयोजित परिवर्तन यात्रा में लगभग 1300 लोगों ने भाजपा की सदस्यता ली। इसी कार्यक्रम में समाजसेवी कृष्णा प्रसाद ने भाजपा का झंडा थामते हुए कहा कि व्यापारिक व्यस्तताओं के कारण वे पार्टी में सक्रिय नहीं थे, लेकिन अब दुबारा सक्रिय भूमिका निभाएंगे, ठीक वैसे ही जैसे 2021 विधानसभा चुनाव से पहले करते थे।
भाजपा की थी परिवर्तन यात्रा सभा
इस परिवर्तन यात्रा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, विधायक अग्निमित्रा पॉल, विधायक डॉक्टर अजय पोद्दार, राज्य कमिटी सदस्य कृष्णनेन्दु मुखर्जी, जीतेन्द्र तिवारी, जिला अध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य समेत कई नेता मौजूद रहे। भारी भीड़ के चलते यह कार्यक्रम कई दिनों तक शिल्पाँचल में चर्चा का केंद्र बना रहा।
भाजपा की इस सभा का जवाब देने के लिए तृणमूल कांग्रेस ने उसी गिरजामोड़ में पलटा सभा
भाजपा की इस सभा का जवाब देने के लिए तृणमूल कांग्रेस ने उसी गिरजामोड़ में पलटा सभा की। मंच से तृणमूल के कई नेताओं और विधायकों ने अपनी बात रखी। इसी दौरान राज्य के मंत्री मलय घटक ने भाजपा के मंच पर बैठे नेताओं पर कोयला और जमीन माफिया होने का आरोप लगाया और भाजपा पर तीखा प्रहार किया।
मलय घटक के बयान पर महासंग्राम
मलय घटक के इस बयान के बाद भाजपा ने सोमवार को जिला कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन बुलाया। सम्मेलन में भाजपा जिलाध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य, राज्य नेता कृष्णनेन्दु मुखर्जी, कृष्णा प्रसाद, केशव पोद्दार और अर्जित राय मौजूद रहे। इस दौरान कृष्णनेन्दु मुखर्जी ने मलय घटक पर पलटवार किया और कहा कि दूसरे पर कोयला, लोहा और जमीन माफिया होने का आरोप लगाने से पहले उन्हें खुद पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आसनसोल जानता है कि जमीन, कोयला और लोहा माफिया कौन है।
कृष्णनेन्दु मुखर्जी ने आरोप लगाया कि जिटी रोड बाईपास के 13, 14 और 15 नंबर वार्ड में तालाब भराई तथा 24, 25 और 28 नंबर वार्ड में नदी भराई के मामलों से लेकर जाली कागजात के माध्यम से भेस्टेड लैंड की खरीद-बिक्री तक सब कुछ उसी बड़े नेता और उसके लोगों द्वारा किया जा रहा है। कृष्णनेन्दु ने कहा कि रेलपार के 24, 25 और 28 वार्डों से खुलेआम ड्रग्स का कारोबार चल रहा है और पूरे शिल्पाँचल में सप्लाई हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह सब किसकी छत्रछाया में हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि 15 वर्षों से विधायक होने के बावजूद क्षेत्र में कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। रामकृष्ण मिशन के पीछे सड़क निर्माण के दौरान कौन रहता है और वहां भेस्टेड जमीन की जाली कागजात के जरिए कितनी बिक्री हुई — इसकी जांच होगी।
अंत में कृष्णनेन्दु मुखर्जी ने दावा किया कि भाजपा सत्ता में आते ही इन सभी मामलों को उजागर करेगी और एक-एक चीज सामने लाएगी।
वहीं दूसरी तरफ तृणमूल नेता गुरूदास चटर्जी ने कहा कि राज्य में कोई माफिया ही नहीं बचा है जब से तृणमूल की सरकार आई है आरोप लगाना बीजेपी का काम हो चुका है क्योंकि अब 2026 में भी उसके हाथ सत्ता नहीं लगने वाली इसीलिए अब बयान बाजी पर उतर चुकी है।



















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