होकरो पर अत्याचार: रेल पुलिस के खिलाफ आसनसोल में सड़क पर उतरे विक्रेता : राजू अहलूवालिया, श्रमिक नेता

होकरो पर अत्याचार: रेल पुलिस के खिलाफ आसनसोल में सड़क पर उतरे विक्रेता : राजू अहलूवालिया, श्रमिक नेता
आसनसोल: रविवार को आसनसोल स्टेशन रोड और जीटी रोड पर तृणमूल श्रमिक संगठन आईएनटीटीयूसी (INTTUC) की ओर से एक बड़ा विरोध मार्च आयोजित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के नेता राजीव अहलूवालिया ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फल विक्रेताओं, फूल विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों ने भाग लिया।
विक्रेताओं का आरोप है कि उन्हें लगातार रेल पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप लगाया गया कि रेल पुलिस आए दिन छोटे कारोबारियों को धमकाती है और उनके साथ दुर्व्यवहार करती है। इसी वजह से नाराज़ होकर विक्रेताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध मार्च निकाला और रेल पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
विक्रेताओं का दर्द: रोज़गार पर संकट
प्रदर्शन कर रहे विक्रेताओं ने कहा कि वे वर्षों से स्टेशन रोड और आसपास के क्षेत्रों में अपना व्यवसाय कर रहे हैं। यही उनका रोज़गार का साधन है। लेकिन रेल पुलिस आए दिन उन्हें हटाने की कोशिश करती है, जिससे उनके जीवन-यापन पर संकट खड़ा हो गया है।
फूल बेचने वाले विक्रेताओं ने कहा कि सुबह-सुबह जब वे दुकान लगाते हैं तो पुलिस आकर परेशान करती है। इसी तरह फल और सब्जी बेचने वालों ने भी शिकायत की कि उन्हें बिना वजह रेल पुलिस द्वारा परेशान किया जाता है।
वक्ताओं का आक्रोश
विरोध मार्च के दौरान वक्ताओं ने रेल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि छोटे-छोटे व्यवसाय करने वाले लोग शहर के सामाजिक और आर्थिक ढांचे का हिस्सा हैं। इन्हें प्रताड़ित करना अस्वीकार्य है। वक्ताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि इस तरह की कार्रवाई नहीं रुकी तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संगठन के नेता राजू अहलूवालिया ने कहा कि आईएनटीटीयूसी हमेशा गरीब और मजदूर वर्ग के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल पुलिस की ज्यादती अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। “हमने यह आंदोलन विक्रेताओं के सम्मान और रोज़गार की सुरक्षा के लिए शुरू किया है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।”
आम जनता का समर्थन
इस विरोध मार्च को आम जनता का भी भरपूर समर्थन मिला। स्थानीय लोगों ने विक्रेताओं की आवाज़ में आवाज़ मिलाई और कहा कि छोटे कारोबारियों को प्रताड़ित करना अनुचित है। लोगों ने कहा कि यदि ये छोटे विक्रेता परेशान होंगे तो आम जनता की सुविधा भी प्रभावित होगी, क्योंकि स्टेशन रोड और जीटी रोड पर रोज़मर्रा की ज़रूरत की कई चीजें इन्हीं विक्रेताओं से मिलती हैं।
संघर्ष का ऐलान
मार्च में शामिल वक्ताओं ने दोहराया कि यह लड़ाई केवल व्यापारियों की नहीं बल्कि सामाजिक न्याय की भी है। उन्होंने कहा कि यदि रेल पुलिस द्वारा प्रताड़ना जारी रही तो आने वाले दिनों में पूरे शहर को आंदोलन के लिए तैयार किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि वे जरूरत पड़ने पर रेल प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ भी मोर्चा खोलेंगे।
रविवार को आसनसोल में हुए इस विरोध मार्च ने साफ कर दिया कि विक्रेताओं का धैर्य अब टूट चुका है। वे अपने अधिकार और सम्मान के लिए सड़क पर उतर चुके हैं। आईएनटीटीयूसी के नेतृत्व में हुआ यह आंदोलन आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है। विक्रेताओं का कहना है कि जब तक उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में काम करने की गारंटी नहीं मिलती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।






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