रानीगंज में वायु प्रदूषण का संकट गहराया — AQI पहुंचा 308, सांस लेना हुआ मुश्किल

रानीगंज में वायु प्रदूषण का संकट गहराया — AQI पहुंचा 308, सांस लेना हुआ मुश्किल
रानीगंज: कोलांचल का औद्योगिक शहर रानीगंज गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। सोमवार को शहर का वायु प्रदूषण सूचकांक (AQI) 308 दर्ज किया गया, जो “अत्यंत खराब” श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्तर का प्रदूषण हृदय रोग, दमा, एलर्जी और फेफड़ों की बीमारियों के खतरे को तेजी से बढ़ा देता है।
शहर की सड़कों पर धूल की परत और खराब सड़क व्यवस्था ने हालात को और अधिक खराब कर दिया है। शाम के बाद रानीगंज का पूरा इलाका धुंध और धूलकणों से ढका नजर आता है। व्यापारियों को अपने दुकानों के सामने लगातार पानी का छिड़काव करना पड़ रहा है, वहीं आम जनता घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने को मजबूर है।
स्थानीय चिकित्सकों के अनुसार दम और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है, साथ ही हृदय संबंधी बीमारियों के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। चिकित्सा जगत का मानना है कि लंबे समय तक ऐसी प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के पीछे स्थानीय लोगों ने नगर निगम की लापरवाही को प्रमुख कारण बताया है। आसपास के क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के पर्याप्त उपयोग न होने से भी वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है।
उधर, रानीगंज के मंगलपुर इलाके में चल रहे कोयला भट्टों से भारी मात्रा में धुआं और धूलकण निकलने से समस्या और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ उद्योगों से रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण से जनस्वास्थ्य पर भारी असर पड़ रहा है।
शहरवासी प्रशासन से तत्काल कार्रवाई, उद्योगों की निगरानी और सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
अगर स्थिति पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में रानीगंज में वायु प्रदूषण का संकट और अधिक गंभीर हो सकता है।



















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