PUNJABI POST

News & Media

Top 5 News in West Bengal 28.7.2025 2026 के चुनाव के पहले बंगाल में वोटर लिस्ट संशोधन और SIR लागू

अग्निमित्रा पाल पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजपा का बर्नपुर में हंगामा, त्रिवेणी मोड़ पर सड़क जाम, कई कार्यकर्ता हिरासत में

Top 5 News in West Bengal 28.7.2025

 1 2026 के चुनाव के पहले बंगाल में वोटर लिस्ट संशोधन और SIR लागू करने को लेकर राजनीतिक घमासान, ममता बनर्जी की चेतावनी पर भाजपा का कड़ा पलटवार

2026 के चुनाव के पहले बंगाल में वोटर लिस्ट संशोधन और SIR लागू करने को लेकर राजनीतिक घमासान, ममता बनर्जी की चेतावनी पर भाजपा का कड़ा पलटवार

2026 के चुनाव के पहले बंगाल में वोटर लिस्ट संशोधन और SIR लागू करने को लेकर राजनीतिक घमासान, ममता बनर्जी की चेतावनी पर भाजपा का कड़ा पलटवार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों के बीच मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) के संभावित संशोधन और SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चेतावनी के बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया गया, तो राज्य भर में बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की इस चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने पलटवार किया है। दक्षिण आसनसोल से भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री को भ्रम और भय फैलाना बंद करना चाहिए। वोटर लिस्ट संशोधन चुनाव आयोग की नियमित और संवैधानिक प्रक्रिया है, इसमें राज्य सरकार या किसी पार्टी का दखल असंवैधानिक है।”

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा SIR को लेकर राज्य में पूरी तैयारी के साथ काम कर रही है, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित हो सकें। अग्निमित्रा पाल ने ममता बनर्जी को चेतावनी दी कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अड़चन डालने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तृणमूल कांग्रेस का आरोप: हिंदी भाषियों और अल्पसंख्यकों के नाम हटाए जा रहे

तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में खासकर हिंदीभाषी और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिशें हो रही हैं। पार्टी ने कहा कि उन्हें लगातार ऐसे मामलों की शिकायत मिल रही है और मुख्यमंत्री की चेतावनी इसी संदर्भ में दी गई है।

तृणमूल के नेताओं का कहना है कि भाजपा जानबूझकर बंगाल के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने और अपने राजनीतिक हित साधने के लिए मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रही है।

चुनाव आयोग की चुप्पी

राज्य चुनाव आयोग की ओर से इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि चुनाव आयोग पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि मतदाता सूची का अद्यतन एक सामान्य प्रक्रिया है, जो समय-समय पर होती रहती है, ताकि चुनावों में निष्पक्षता बनी रहे।

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी विधानसभा, पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए बंगाल में वोट बैंक की राजनीति तेज हो गई है। ऐसे में मतदाता सूची में संशोधन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज़ हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस जहां अपनी पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा बंगाल में SIR जैसे अभियानों के जरिये वोटर लिस्ट को ‘शुद्ध’ करने की रणनीति पर काम कर रही है।

फिलहाल, बंगाल की सियासी ज़मीन एक बार फिर गर्मा गई है। वोटर लिस्ट में संशोधन और SIR लागू करने जैसे मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी तकरार चल रही है। आगामी महीनों में इस राजनीतिक जंग के और भी तीखे रूप लेने की संभावना है।

Top 5 News in West Bengal

2 अग्निमित्रा पाल पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजपा का बर्नपुर में हंगामा, त्रिवेणी मोड़ पर सड़क जाम, कई कार्यकर्ता हिरासत में

अग्निमित्रा पाल पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजपा का बर्नपुर में हंगामा, त्रिवेणी मोड़ पर सड़क जाम, कई कार्यकर्ता हिरासत में

अग्निमित्रा पाल पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजपा का बर्नपुर में हंगामा, त्रिवेणी मोड़ पर सड़क जाम, कई कार्यकर्ता हिरासत में

आसनसोल। भाजपा की लोकप्रिय नेत्री और आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल पर सोशल मीडिया में की गई कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप सड़क को घंटों तक जाम कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

प्रदर्शनकारियों ने मिठाई बाबू नामक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार नारेबाज़ी की। उनका कहना था कि अग्निमित्रा पाल जैसी महिला नेता के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणी न केवल व्यक्तिगत हमला है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान पर भी चोट है।

पुलिस से तीखी झड़प, कई कार्यकर्ता हिरासत में

जैसे ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और कई कार्यकर्ताओं को मौके से हिरासत में लिया गया।

आम जनता को हुई भारी परेशानी

इस सड़क जाम के कारण त्रिवेणी मोड़ और आस-पास के इलाकों में घंटों तक यातायात बाधित रहा। दफ्तर जा रहे लोग, स्कूली बच्चे और स्थानीय व्यापारी इस जाम से खासे परेशान दिखे। प्रशासन को हालात सामान्य करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

भाजपा ने दी आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी

भाजपा नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक नेता का नहीं, बल्कि पूरे संगठन का अपमान है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषी के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में और भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

प्रशासन सतर्क, स्थिति पर नजर

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर डटे रहे और हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल, स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को फिर से गरमा दिया है।

इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सोशल मीडिया पर की गई गैरजिम्मेदाराना टिप्पणियाँ भी जमीनी स्तर पर बड़े आंदोलन को जन्म दे सकती हैं।

3   तृणमूल पार्षद अशोक रुद्र के बयान पर विवाद गहराया, हिंदी भाषियों और तृणमूल श्रमिक संगठन ने जताया विरोध

तृणमूल पार्षद अशोक रुद्र के बयान पर विवाद गहराया, हिंदी भाषियों और तृणमूल श्रमिक संगठन ने जताया विरोध

तृणमूल पार्षद अशोक रुद्र के बयान पर विवाद गहराया, हिंदी भाषियों और तृणमूल श्रमिक संगठन ने जताया विरोध

आसनसोल। सेल बर्नपुर के ट्रेनिंग सेंटर में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद अशोक रुद्र द्वारा कथित रूप से हिंदी भाषी कर्मचारियों को धमकाए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस बयान के खिलाफ न केवल हिंदी भाषी समाज ने विरोध दर्ज कराया है, बल्कि तृणमूल की श्रमिक शाखा आईएनटीटीयूसी ने भी पार्षद के रुख की निंदा की है।

विवाद की कैसे हुई शुरुआत

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब आरोप लगे कि पार्षद अशोक रुद्र ने ट्रेनिंग सेंटर में जाकर हिंदी भाषी श्रमिकों को धमकी दी। इस घटना से नाराज हिंदी भाषी समाज के नेताओं — जैसे मदन चौबे और ओमनारायण — ने इसे समुदाय विशेष को डराने और बांटने की कोशिश करार दिया।

विवाद में नया मोड़

इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब आईएनटीटीयूसी के वरिष्ठ नेता राजू अहलूवालिया ने भी पार्षद के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी पार्षद का काम विकास करना होता है, न कि भाषा के आधार पर भेदभाव फैलाना। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों से संबंधित मामलों पर अधिकार केवल जिला अध्यक्ष अभिजीत घटक और श्रम मंत्री मलय घटक को है, न कि किसी स्थानीय पार्षद को।

भाषा के आधार पर बांटने की साजिश सफल नहीं होने दी जाएगी।

राजू अहलूवालिया ने कहा, “हमारा इलाका हमेशा से भाईचारे का प्रतीक रहा है। यहां हर भाषा, धर्म और जाति के लोग मिलजुल कर रहते आए हैं। किसी को भी इस सौहार्द्र को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों को जाति या भाषा के आधार पर बांटने की साजिश सफल नहीं होने दी जाएगी।

तृणमूल कांग्रेस के अंदर भी मतभेद

इस घटनाक्रम से तृणमूल कांग्रेस के अंदर भी मतभेद की स्थिति सामने आई है। एक ओर जहां पार्टी के ही एक प्रतिनिधि पर समाज को बांटने का आरोप है, वहीं पार्टी के भीतर से ही उस पर सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई जा रही है। इससे स्पष्ट है कि पार्टी के भीतर भी इस बयान को लेकर असहमति है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के बयानों से इलाके में तनाव फैल सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

सामाजिक एकता खतरे में

इस प्रकरण ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या नेताओं को वोट बैंक की राजनीति के लिए सामाजिक सौहार्द्र से खिलवाड़ करने की छूट दी जा सकती है? यदि भाषा, जाति और क्षेत्र के नाम पर इस तरह की राजनीति होती रही, तो सामाजिक एकता खतरे में पड़ सकती है।

तृणमूल निगाहें

फिलहाल, निगाहें तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस विवाद को किस दिशा में ले जाते हैं — क्या पार्षद अशोक रुद्र के खिलाफ कोई कदम उठाया जाएगा या मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा, यह आने वाला समय बताएगा।

4 दसवीं की छात्रा के कथित अपहरण मामले में नया मोड़, नासिक से सुरक्षित सालानपुर लौटी किशोरी

दसवीं की छात्रा के कथित अपहरण मामले में नया मोड़, नासिक से सुरक्षित सालानपुर लौटी किशोरी

दसवीं की छात्रा के कथित अपहरण मामले में नया मोड़, नासिक से सुरक्षित सालानपुर लौटी किशोरी

सालानपुर। सालानपुर थाना क्षेत्र की एक दसवीं कक्षा की छात्रा के कथित अपहरण के मामले में नया मोड़ सामने आया है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें किशोरी अपने पिता से रोते हुए बात करती दिख रही थी और उसके हाथ बंधे हुए नजर आ रहे थे। इस वीडियो ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी और लोगों में अपहरण की आशंका ने चिंता बढ़ा दी थी।

वीडियो के आधार पर पुलिस ने की करवाई

वीडियो के आधार पर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई शुरू की। जांच में सहयोग करते हुए नासिक पुलिस की मदद से छात्रा को महाराष्ट्र के नासिक से बरामद कर लिया गया और उसे सकुशल सालानपुर लाया गया।

मामला अपहरण का नहीं था।

पूछताछ में सामने आया कि यह मामला अपहरण का नहीं था। परिजनों और छात्रा से मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा के खराब परिणाम के बाद छात्रा अपने पिता की डांट से डर गई थी। इस डर से वह घर छोड़कर चली गई और किसी रिश्तेदार के पास जाने का इरादा था, लेकिन गलती से वह दूसरी ट्रेन में बैठकर नासिक पहुंच गई।

सोमवार को छात्रा को अदालत में पेश किया गया

सोमवार को छात्रा को अदालत में पेश किया गया, जहां सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। सालानपुर थाना पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई की और यह सुनिश्चित किया कि किशोरी पूरी तरह सुरक्षित है।

घटना की शुरुआत में वायरल वीडियो के कारण

घटना की शुरुआत में वायरल वीडियो के कारण मामला रहस्यमय बन गया था, लेकिन अब पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट हो चुका है कि यह कोई आपराधिक कृत्य नहीं था, बल्कि पारिवारिक तनाव और संयोगवश हुई एक घटना थी।

छात्रा की सुरक्षित वापसी में सालानपुर थाना पुलिस की सक्रियता और नासिक पुलिस के सहयोग ने अहम भूमिका निभाई है। फिलहाल मामले से संबंधित सभी तथ्यों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है।

5 सावन की तीसरी सोमवारी पर चंद्रचूड़ मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब, शिव भक्ति में डूबा शिल्पांचल

सावन की तीसरी सोमवारी पर चंद्रचूड़ मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब, शिव भक्ति में डूबा शिल्पांचल

सावन की तीसरी सोमवारी पर चंद्रचूड़ मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब, शिव भक्ति में डूबा शिल्पांचल

आसनसोल। सावन माह की तीसरी सोमवारी के पावन अवसर पर आसनसोल शिल्पांचल स्थित प्रसिद्ध चंद्रचूड़ मंदिर में आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने मंदिर पहुंचे और “हर हर महादेव” के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।

चंद्रचूड़ मंदिर शिव भक्तों की भीड़

चंद्रचूड़ मंदिर शिल्पांचल क्षेत्र में शिव भक्ति का एक प्रमुख केंद्र है। सावन के पावन महीने में विशेषकर सोमवारी के दिन यहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। सोमवार को मंदिर में दूर-दूर से आए भक्तों ने भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित किए।

मंदिर कमेटी की ओर से इस बार भीड़ को देखते हुए विशेष प्रबंध

मंदिर कमेटी की ओर से इस बार भीड़ को देखते हुए विशेष प्रबंध किए गए थे। भक्तों की सुविधाओं के लिए अलग-अलग कतारें लगाई गई थीं। साथ ही मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।

कमेटी के एक सदस्य ने बताया, “श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों को विशेष जिम्मेदारी दी गई थी। भीड़ नियंत्रण और शांति व्यवस्था के लिए सभी आवश्यक उपाय किए गए।”

सोमवारी को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

हर उम्र के भक्त, महिलाएं, युवक और बच्चे हाथों में जल कलश लिए हुए मंदिर पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भोलेनाथ की आराधना की और जलाभिषेक किया। भक्तों का मानना है कि सावन की सोमवारी को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

मंदिर परिसर में पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक मिलकर व्यवस्था संभालते रहे, जिससे किसी तरह की अफरातफरी या अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली।

श्रद्धा, समर्पण और अनुशासन से भरा यह आयोजन सिर्फ धार्मिक ही नहीं, सामाजिक सौहार्द्र और एकता का भी संदेश लेकर आया। सावन की इस तीसरी सोमवारी को चंद्रचूड़ मंदिर में शिव भक्ति का अनुपम दृश्य हर किसी को भावविभोर कर गया।

 

 


Discover more from PUNJABI POST

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

AI car modification · jojobet · jojobet · buy quality backlinks · dofollow backlinks · comprar backlinks de calidad · quality backlinks · serviço de backlinks

Discover more from PUNJABI POST

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading