1 Top 5 News आसनसोल बर्नपुर इस्को फैक्ट्री में श्रमिक प्रशिक्षण शिविर को लेकर तृणमूल पार्षद का हंगामा, वीडियो वायरल होते ही गरमाई सियासत

Top 5 News आसनसोल बर्नपुर इस्को फैक्ट्री में श्रमिक प्रशिक्षण शिविर को लेकर तृणमूल पार्षद का हंगामा, वीडियो वायरल होते ही गरमाई सियासत
1 Top 5 News आसनसोल
पश्चिम बंगाल के आसनसोल के बर्नपुर स्थित इस्को स्टील फैक्ट्री में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस के पार्षद अशोक रुद्र ने एक श्रमिक प्रशिक्षण शिविर में पहुंचकर वहां मौजूद कर्मचारियों को कथित तौर पर डांट-फटकार लगाई। यह आरोप है कि उन्होंने बाहर के राज्यों से आए श्रमिकों को लेकर आपत्ति जताई और उन्हें कार्य न देने की बात कही।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें अशोक रुद्र स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग करते नजर आ रहे हैं। उनका कहना था कि जब बर्नपुर और आसपास के क्षेत्र के इतने सारे युवा बेरोजगार हैं, तो अन्य राज्यों के युवाओं को यहां नौकरी पर क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में बाहरी राज्य से किसी भी युवक को नौकरी पर न लिया जाए।
पार्षद रुद्र ने प्रशिक्षण शिविर के आयोजकों से सख्त लहजे में कहा कि स्थानीय युवाओं और युवतियों को ही इस तरह की नौकरियों में तवज्जो दी जाए। इस बयान और उनके व्यवहार को लेकर सियासी हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने इसे बंगाल में “अंदर-बाहर” की राजनीति करार दिया है।

भारतीय जनता पार्टी की विधायक अग्निमित्रा पॉल
भारतीय जनता पार्टी की विधायक अग्निमित्रा पॉल ने इस घटना की निंदा करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तृणमूल की यह सोच न केवल असंवैधानिक है, बल्कि इससे सामाजिक विभाजन को बढ़ावा मिलेगा। “बंगाल हमेशा से विविधता में एकता का प्रतीक रहा है। यहां इस तरह का भेदभावपूर्ण रवैया कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता,” इसको सेल प्लांट को सिंगुर टाटा नहीं बनने देंगे तृणमूल के नेता चाहते है कि कारखाने बंद हो जाएं लेकिन हम लोग इसका विरोध कर रहे है।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की तरफ से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पार्षद रुद्र ने स्थानीय युवाओं की पीड़ा को आवाज दी है और उनका उद्देश्य केवल यह है कि स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए।
उधर, इस विवाद से इस्को फैक्ट्री प्रशासन भी असहज स्थिति में है। फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि प्रशिक्षण शिविर पूरी तरह से कंपनी की आंतरिक प्रक्रिया है और इसमें चयन के लिए योग्यता और अनुभव ही मापदंड हैं, न कि किसी की क्षेत्रीय पहचान।
इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने पार्षद के रवैये को गलत बताया है, वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि स्थानीय बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अब देखना यह है कि तृणमूल कांग्रेस इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या इस मुद्दे को लेकर भविष्य में और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिलती है या नहीं।

Top 5 News अशोक रूद्र के बयान पर भड़का हिंदी भाषी समाज, विरोध में उठी एकजुटता की आवाज़
2 Top 5 News अशोक रूद्र के बयान पर भड़का हिंदी भाषी समाज, विरोध में उठी एकजुटता की आवाज़
“हिंदी भाषियों का अपमान नहीं सहेंगे, कार्रवाई ज़रूरी” – मदन चौबे और ओम नारायण
आसनसोल – इस्को सेल फैक्ट्री के ट्रेनिंग सेंटर में तृणमूल कांग्रेस नेता और पार्षद अशोक रूद्र द्वारा कथित रूप से हिंदी भाषी श्रमिकों का अपमान करने को लेकर अब विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है। इस बयान के बाद हिंदी भाषी समुदाय में तीव्र आक्रोश देखा जा रहा है। अब समाज के प्रतिनिधि खुलकर सामने आ रहे हैं और इस बयान की तीखी निंदा कर रहे हैं।
हिंदी भाषी समाज के प्रमुख नेता मदन चौबे और ओम नारायण ने अशोक रूद्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने ट्रेनिंग सेंटर में कार्यरत हिंदी भाषी युवाओं को अपमानित किया है। दोनों नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं, बल्कि पूरे हिंदी भाषी समुदाय के सम्मान पर चोट है।
🔹 “यह अपमान अब सहन नहीं किया जाएगा” –
मदन चौबे ने साफ शब्दों में कहा कि यदि बंगाल में इसी तरह हिंदी भाषी लोगों को टारगेट किया गया और अपमानित किया गया, तो इसका असर 2026 के विधानसभा चुनावों में ज़रूर दिखाई देगा। उन्होंने कहा, “हम यह अन्याय नहीं सहेंगे। ममता बनर्जी की सरकार को यह समझना चाहिए कि राज्य में हिंदी भाषियों की संख्या कम नहीं है। यदि यह मानसिकता नहीं बदली, तो परिणाम भुगतने होंगे।”
🔹 ओम नारायण ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “तृणमूल नेता अशोक रूद्र ने इस्को सेल के ट्रेनिंग सेंटर में काम कर रहे हिंदी भाषी कर्मचारियों के प्रति जो भाषा और व्यवहार अपनाया, वह घोर निंदनीय है। राज्य के भीतर ऐसी सोच समाज को बांटने का काम कर रही है।”
नेताओं ने कहा कि यह मामला सिर्फ भाषाई नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान का है। इस तरह की घटनाएं यदि जारी रहीं, तो यह बंगाल के भीतर एक बड़े संघर्ष को जन्म दे सकती हैं।
🔹 “राज्य सरकार और पार्टी नेतृत्व को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए” – दोनों नेताओं ने मांग की है कि अशोक रूद्र के खिलाफ अविलंब सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई जनप्रतिनिधि इस तरह की भाषा बोलने से पहले सौ बार सोचे।
हिंदी भाषी समाज की एकजुटता अब तेजी से बढ़ रही है। जगह-जगह इस घटना के खिलाफ बैठकें हो रही हैं और आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है। इस प्रकरण ने तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और आने वाले समय में यह मामला राज्य की राजनीति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
“हमारी चुप्पी अब टूटेगी, हमारा सम्मान अब सुरक्षित रहना चाहिए।” – यह संदेश अब पूरे हिंदी भाषी समाज में फैल चुका है।

3 Top 5 News सतैशा मोड़ लूटकांड का खुलासा: 4 आरोपी गिरफ्तार, 2 लाख नकद और हथियार बरामद

3 Top 5 News सतैशा मोड़ लूटकांड का खुलासा: 4 आरोपी गिरफ्तार, 2 लाख नकद और हथियार बरामद
आसनसोल Top 5 News सतैशा मोड़ लूटकांड का खुलासा: 4 आरोपी गिरफ्तार, 2 लाख नकद और हथियार बरामद शनिवार शाम आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के सतैशा मोड़ में हुई 11 लाख रुपये की लूट मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूट की रकम में से दो लाख रुपये नकद और एक आग्नेयास्त्र बरामद किया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान श्रवण मंडल, अभिषेक प्रसाद, राहुल बर्णवाल उर्फ सनी सिंह और दीपंकर विश्वास के रूप में हुई है। पुलिस ने आसनसोल के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर इन्हें गिरफ्तार किया।
यह घटना शनिवार को करीब शाम 4:30 बजे हुई, जब सतैशा मोड़ पर दो लोगों से हथियार के बल पर 11 लाख रुपये लूट लिए गए थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और तकनीकी व खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों को पकड़ने में सफलता पाई।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने एक देसी कट्टा और दो लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस बाकी लूटी गई रकम की बरामदगी और घटना में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा किया जाएगा।

4 Top 5 News बढ़थोल में 2021 से अधूरे रेलवे पुल को लेकर ग्रामीणों का हंगामा, जल्द निर्माण पूरा करने की मांग

4 Top 5 News बढ़थोल में 2021 से अधूरे रेलवे पुल को लेकर ग्रामीणों का हंगामा, जल्द निर्माण पूरा करने की मांग
आसनसोल – हीरापुर थाना क्षेत्र के बढ़थोल गांव में रविवार को ग्रामीणों ने वर्षों से अधूरे पड़े रेलवे ब्रिज के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह ब्रिज आद्रा रेल डिवीजन के अधीन बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण वर्ष 2021 में शुरू हुआ था, लेकिन अब तक यह अधूरा पड़ा है।
ग्रामीणों ने ब्रिज स्थल पर इकट्ठा होकर रेलवे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द इस ब्रिज का कार्य पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
स्थानीय निवासी सतीश प्रसाद ने बताया कि अधूरे ब्रिज के कारण गांव के लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों को काफी दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वे इस मुद्दे को लेकर प्रशासन और रेलवे से गुहार लगाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि यदि आने वाले दिनों में ब्रिज निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे और बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे। अब नजरें प्रशासन और रेलवे अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस दिशा में कब और क्या कार्रवाई करते हैं।

Top 5 News अमरनाथ यात्रा पर गए परिवार के घर में चोरी, लौटने पर टूटा मिला दरवाज़ा और बिखरा सामान
5 Top 5 News अमरनाथ यात्रा पर गए परिवार के घर में चोरी, लौटने पर टूटा मिला दरवाज़ा और बिखरा सामान
आसनसोल – सालानपुर थाना अंतर्गत रूपनारायणपुर सांतश्रीपल्ली इलाके में रविवार को चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी। पीड़ित परिवार के मुखिया सतीश चंद्र शर्मा अपने पूरे परिवार के साथ 21 जुलाई को अमरनाथ यात्रा पर गए हुए थे। रविवार सुबह जब वे लौटे, तो उनके घर का दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए।
सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि जब वह अपने घर पहुंचे, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। भीतर जाने पर देखा कि अलमारी भी टूटी हुई है और सारा सामान बिखरा पड़ा है। घर से सोने के गहनों के साथ-साथ नगद रुपये भी चोरी हो गए हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर सालानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई। प्राथमिक जांच में सामने आया कि चोरों ने उस समय घर को निशाना बनाया, जब पूरा परिवार अमरनाथ यात्रा पर था और घर पूरी तरह खाली था।
फिलहाल पुलिस चोरों की तलाश में जुटी हुई है। घटना के बाद इलाके के लोगों में दहशत और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।





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