कुछ जगहों पर कानून-व्यवस्था की समस्या, फिर भी पश्चिम बंगाल में चुनाव का माहौल 15 या 16 फ़रवरी को चुनाव को लेकर हो सकती है घोषणा ।

कुछ जगहों पर कानून-व्यवस्था की समस्या, फिर भी पश्चिम बंगाल में चुनाव का माहौल 15 या 16 फ़रवरी को चुनाव को लेकर हो सकती है घोषणा
पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि राज्य में कुछ स्थानों पर समस्याएं जरूर हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव कराने के लिए माहौल मौजूद है। आयोग का मानना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब नहीं है कि चुनाव नहीं कराए जा सकें।
सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ ने राज्य के 23 जिलों के जिलाशासकों, जिला और पुलिस जिलों के पुलिस अधीक्षकों तथा राज्य और केंद्र की 24 एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके अलावा राज्य की आठ मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की गई।
बैठक के बाद आयोग का मानना है कि राज्य में चुनाव कराने को लेकर कोई समस्या नहीं है। इस दौरान SIR की पहली चरण की अंतिम मतदाता सूची में 60 लाख नाम विचाराधीन होने का मुद्दा भी उठा। इस पर आयोग का कहना है कि विचाराधीन मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच और निपटारे के लिए पर्याप्त समय मौजूद है।
सूत्रों के मुताबिक, आयोग 15 या 16 फरवरी को राज्य के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। आयोग का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना ही उनका मुख्य लक्ष्य है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रविवार रात को ही चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ पश्चिम बंगाल पहुंची थी। सोमवार सुबह सबसे पहले आयोग ने राज्य की आठ मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और बाद में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में राज्य के सभी जिलाशासक, पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक मौजूद थे।
बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर आयोग के सामने शिकायतें रखीं और पूछा कि केवल आश्वासन देने के बजाय क्या आयोग शांतिपूर्ण चुनाव कराने में सक्षम होगा। इस पर आयोग ने कहा कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी तरह की तैयारियां की जाएंगी।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कुछ समस्याएं जरूर हैं और कई राज्यों में इस तरह की समस्याएं देखी जाती हैं, लेकिन इसे यह नहीं कहा जा सकता कि यहां चुनाव कराने की स्थिति नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक से आयोग संतुष्ट है।
बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और आयोग ने एक जिले को उदाहरण बनाकर अन्य जिलों के लिए भी वही संदेश दिया। साथ ही चुनाव की घोषणा से पहले ही राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती कर दी गई है।





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