Caneda News ईरान में विरोध प्रदर्शनों और इंटरनेट बंदी के बीच मॉन्ट्रियल में ईरानी नागरिकों के समर्थन में रैली

Caneda News ईरान में विरोध प्रदर्शनों और इंटरनेट बंदी के बीच मॉन्ट्रियल में ईरानी नागरिकों के समर्थन में रैली
कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में शनिवार दोपहर ईरानी मूल के लोगों ने ईरान की जनता के समर्थन में डाउनटाउन इलाके में रैली का आयोजन किया। यह रैली ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों और वहां लगाए गए इंटरनेट ब्लैकआउट के विरोध में निकाली गई।
पिछले दो हफ्तों से ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों की शुरुआत देश की कमजोर होती अर्थव्यवस्था को लेकर हुई थी, लेकिन अब यह प्रदर्शन सरकार और शासन व्यवस्था के खिलाफ गुस्से का रूप ले चुके हैं। रैली में शामिल ईरानी मूल की सारा तमीज़ी ने कहा कि लोग आज़ादी चाहते हैं, अपने फैसले खुद लेने की स्वतंत्रता और एक लोकतांत्रिक व्यवस्था चाहते हैं।
गुरुवार को ईरान में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गईं, जिससे देश पूरी तरह बाहरी दुनिया से कट गया। इससे विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ दमन और तेज होने की आशंका भी बढ़ गई है। रैली में शामिल डोन्या ज़ियाए ने कहा कि जब भी इस तरह का ब्लैकआउट होता है, तो इसका मतलब होता है ज्यादा हिंसा और ज्यादा गिरफ्तारियां।
रैली में मौजूद हेस्साम सोभानी ने कहा कि ईरान में सिर्फ आज़ादी और मानवाधिकारों की मांग करने पर लोगों की हत्या की जा रही है। उन्होंने बताया कि इंटरनेट बंद होने के कारण ईरान में हो रहे प्रदर्शनों की वास्तविक स्थिति को बाहर से समझना बेहद मुश्किल हो गया है।
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनों में कम से कम 65 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इस बीच शुक्रवार को तेहरान में दिए गए एक भाषण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनों के लिए उपद्रवियों और विदेशी ताकतों के लिए काम करने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
ईरान में परिजनों को लेकर बढ़ी चिंता
हेस्साम सोभानी ने कहा कि इंटरनेट बंदी के कारण ईरान में लोगों की आवाज़ दबाई जा रही है। इसी वजह से वे मॉन्ट्रियल में रैली के जरिए ईरान की जनता की आवाज़ बनना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि परिजनों से संपर्क न हो पाने के कारण मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
सोभानी ने कहा कि ईरान में अपने प्रियजनों से किसी तरह का संपर्क नहीं हो पा रहा है और यह नहीं पता कि उनके साथ आगे क्या होगा। इस अनिश्चितता और चिंता का असर उनके रोजमर्रा के जीवन और काम पर भी पड़ रहा है, जिससे ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो गया है।





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