बाबरी मस्जिद निर्माण विवाद पर बंगाल की सियासत गर्म आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी का बड़ा बयान।

बाबरी मस्जिद निर्माण विवाद पर बंगाल की सियासत गर्म आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी का बड़ा बयान।
आसनसोल/पश्चिम बंगाल। बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर पश्चिम बंगाल में बवाल थमता नहीं दिख रहा है। इसी बीच आसनसोल के बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी ने बड़ा विवादित बयान दिया है, जिसके बाद राज्य की राजनीति फिर से गर्म हो गई है।
हुमायूं कबीर को निष्कासन पर निशाना
बेलडांगा के तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखने का ऐलान किया था। इस बागी कदम के बाद तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए नौशाद सिद्दीकी ने कहा:
“हुमायूं कबीर हमारी पार्टी से नहीं हैं। वह दूसरी पार्टी से हैं। कोई मस्जिद बनाए या मंदिर बनाए — यह लोकतांत्रिक देश है। लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति करने वालों के हम खिलाफ हैं।”
आईएसएफ विधायक ने आगे तृणमूल कांग्रेस पर सीधे तौर पर हमला करते हुए कहा:
“हुमायूं कबीर को इसलिए निकाला गया क्योंकि वह मस्जिद बनाना चाहते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंदिर बना रही हैं — उन्हें कौन निकालेगा?”
मुस्लिम हितों पर तृणमूल पर तीखा वार
नौशाद सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि एक तरफ तृणमूल के नेता मुसलमानों पर हो रहे “शोषण” की बात कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ ममता सरकार कोलकाता के न्यू टाउन में मस्जिद की जमीन और नदिया जिले में ईदगाह की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।
हुमायूं कबीर के कार्यक्रम में नहीं होंगे शामिल
आईएसएफ विधायक ने साफ किया कि वे हुमायूं कबीर द्वारा मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद की नींव रखने के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा:
“मैं सेक्युलर माइंडसेट का व्यक्ति हूं। मैं भाईचारे के साथ रहना चाहता हूं और किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं बोलना चाहता। देश में हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है।”
30%–70% बयान पर भी प्रतिक्रिया
बाराबनी में पत्रकारों से बात करते हुए नौशाद सिद्दीकी ने हुमायूं कबीर के “30% और 70%” वाले बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा:
“जब तक वह इस बयान को वापस नहीं लेते, एक साथ लड़ने की बात आगे नहीं बढ़ सकती।”



















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