आरजीकर मामला 2 दिन पहले नवान्न अभियान: रानीगंज के भाजपा युवा नेता अविक मंडल की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

आरजीकर मामला 2 दिन पहले नवान्न अभियान: रानीगंज के भाजपा युवा नेता अविक मंडल की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
आरजीकर मामला नवान्न अभियान में हिस्सा लेने वाले रानीगंज के भाजपा युवा नेता अविक मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद से पश्चिम बर्दवान जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
सूत्र की जानकारी के अनुसार, अविक मंडल रानीगंज के निवासी हैं और भाजपा पश्चिम बर्दवान युवा मोर्चा के महासचिव (जीएस) पद पर कार्यरत थे। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को कोलकाता में आयोजित आरजीकर मामला नवान्न अभियान में वे सक्रिय रूप से शामिल हुए थे। इस अभियान का आयोजन आरजीकर मेडिकल कॉलेज के एक विवादित मामले को लेकर राज्य सचिवालय नवान्न की ओर कूच के रूप में किया गया था।

आरजीकर मामला 2 दिन पहले नवान्न अभियान: रानीगंज के भाजपा युवा नेता अविक मंडल की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
कैमरे में कैद बैरिकेड तोड़ने की घटना
अभियान के दौरान लगे विभिन्न कैमरों और मीडिया के फुटेज में अविक मंडल को पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए और बैरिकेड पर चढ़कर तिरंगा झंडा लगाते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया। इन दृश्यों ने पुलिस और प्रशासन का ध्यान उनकी ओर आकर्षित किया। सूत्रों की मानें तो यह अभियान बिना किसी आधिकारिक अनुमति के आयोजित किया गया था।
बिना अनुमति के नवान्न की घेराबंदी
सूत्रों के अनुसार, आरजीकर मामला नवान्न अभियान के लिए आयोजकों ने किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली थी। इसके बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने नवान्न की घेराबंदी का प्रयास किया। पुलिस ने इसे कानून व्यवस्था के लिए खतरा मानते हुए बल प्रयोग किया।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई भाजपा कार्यकर्ता और अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर सुरक्षा घेरा भंग किया और इससे हालात बिगड़े।
गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलचल
अविक मंडल की गिरफ्तारी ने भाजपा खेमे में भारी राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई सीधे तौर पर नवान्न अभियान से जुड़ी है, जबकि कुछ नेताओं का मानना है कि गिरफ्तारी के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध को कुचलना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
भाजपा की आंतरिक जांच और संभावित कदम
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा प्रदेश नेतृत्व यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि अविक मंडल पर हुई कार्रवाई सिर्फ नवान्न अभियान से जुड़ी है या फिर किसी और मामले में भी उनका नाम शामिल है। जांच पूरी होने के बाद पार्टी बड़ा राजनीतिक कदम उठा सकती है।
आरजीकर मामला और नवान्न अभियान की पृष्ठभूमि
आरजीकर मेडिकल कॉलेज का मामला पिछले कुछ समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर विपक्षी दल, विशेषकर भाजपा, राज्य सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं।
इसी कड़ी में नवान्न अभियान का ऐलान किया गया, जिसमें राज्य सचिवालय की घेराबंदी कर सरकार से जवाब मांगने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन बिना अनुमति के इस तरह का आयोजन कानूनन अवैध माना जाता है, जिसके चलते पुलिस ने सख्ती दिखाई।
स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं
रानीगंज और आसनसोल में अविक मंडल के समर्थकों ने गिरफ्तारी की निंदा की है। उनका कहना है कि अविक मंडल हमेशा से जनता की समस्याओं के लिए सड़क पर आवाज़ उठाते रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से हों।
आगे की राह
अब सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा इस मामले में क्या रुख अपनाती है। यदि गिरफ्तारी के पीछे सिर्फ नवान्न अभियान की गतिविधियां कारण हैं, तो पार्टी इसे बड़े स्तर पर मुद्दा बना सकती है। वहीं, अगर अन्य कानूनी मामलों में भी अविक मंडल का नाम सामने आता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।





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