तालाब का बांध टूटा आसनसोल के 80 घर डूबे छीना मस्त जलमग्न वार्ड 56 में मचा हड़कंप

तालाब का बांध टूटा आसनसोल के 80 घर डूबे छीना मस्त जलमग्न वार्ड 56 में मचा हड़कंप
वार्ड 56, आसनसोल:
शुक्रवार को आसनसोल नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 56 नंबर वार्ड के छीना मस्त इलाके में एक बड़ा हादसा हुआ, जब यहां स्थित एक तालाब का पुराना बांध अचानक टूट गया। बांध टूटते ही इलाके में चारों तरफ पानी ही पानी फैल गया, जिससे करीब 80 घर जलमग्न हो गए। लोगों के घरों में कमर तक पानी भर गया और पूरा मोहल्ला जल संकट का शिकार हो गया।
घटना का विवरण
तालाब का बांध दोपहर के समय अचानक टूटा। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बांध के टूटते ही तेज धाराओं के साथ पानी गलियों और घरों में घुसने लगा। महज कुछ ही मिनटों में घरों के अंदर पानी भर गया, जिससे लोग घबरा गए और अपने परिवार को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने लगे।

तालाब का बांध टूटा आसनसोल के 80 घर डूबे छीना मस्त जलमग्न वार्ड 56 में मचा हड़कंप
80 से अधिक घर प्रभावित
करीब 80 घर इस जलभराव से सीधे प्रभावित हुए हैं। कई घरों का कीमती सामान पानी में भीगकर खराब हो गया। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जो लोग काम पर बाहर थे, उन्हें वापस लौटने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि गलियों में जलस्तर इतना था कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
गलियों में कमर तक पानी, ठप हुआ जनजीवन
तालाब का पानी इतनी तेज़ी से फैला कि आस-पास की संकरी गलियों में कमर तक जलभराव हो गया। वाहन बंद हो गए, बाजार सूने पड़ गए और स्थानीय दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ीं।
जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। बच्चे स्कूल नहीं जा सके, और कई लोगों का दफ्तर जाना भी संभव नहीं रहा।
पहले से थी चेतावनी, नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि तालाब के बांध की हालत पिछले कई महीनों से खराब थी। कई बार नगर निगम और प्रशासन से शिकायत की गई थी कि बांध कमजोर हो गया है, उसकी मरम्मत की जाए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
स्थानीय निवासी रमेश मंडल ने कहा,
“हमने कई बार अधिकारियों को बताया कि यह बांध कभी भी टूट सकता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब जब घरों में पानी घुस गया है, तब सब भागे-भागे आ रहे हैं।”
नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची, राहत कार्य जारी
बांध टूटने की जानकारी मिलते ही आसनसोल नगर निगम की आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। लेकिन स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि जलनिकासी की व्यवस्था बेहद धीमी है और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस तैयारी नहीं की गई थी।
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि
“हम प्रभावित घरों से पानी निकालने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। पंपिंग सेट लगाए जा रहे हैं और बांध की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
राहत सामग्री और अस्थायी मदद शुरू
प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए प्रशासन ने अस्थायी तौर पर सूखा राशन, पानी की बोतलें और तिरपाल जैसी राहत सामग्री उपलब्ध कराई है। कुछ लोगों को नजदीकी स्कूल भवनों या सामुदायिक हॉल में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया है।
हालांकि, स्थानीय लोगों की मांग है कि क्षतिग्रस्त बांध की तत्काल मरम्मत की जाए और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो।
स्थानीय लोगों की मांगें
1. बांध की तत्काल मरम्मत और मजबूत निर्माण।
2. जलनिकासी की तेज़ व्यवस्था।
3. प्रभावित लोगों को मुआवजा और पुनर्वास।
4. नगर निगम के खिलाफ जांच।
छीना मस्त इलाके में तालाब का बांध टूटने से उत्पन्न हुई यह आपदा स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और ढिलाई की देन मानी जा रही है। समय रहते जरूरी कार्रवाई नहीं किए जाने का खामियाजा अब 80 से अधिक परिवार भुगत रहे हैं। लोगों को न सिर्फ आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि मानसिक तनाव और शारीरिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
अब देखना यह होगा कि नगर निगम और प्रशासन इस हादसे से क्या सबक लेता है और आगे की रणनीति क्या अपनाई जाती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।





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