West Bengal CM : “हमारा पाड़ा हमारा समाधान”: 2 अगस्त से शुरू होगा राज्य सरकार का विशेष शिविर, नवान्न ने जिलाधिकारियों को भेजी विस्तृत निर्देशिका

West Bengal CM : “हमारा पाड़ा हमारा समाधान”: 2 अगस्त से शुरू होगा राज्य सरकार का विशेष शिविर, नवान्न ने जिलाधिकारियों को भेजी विस्तृत निर्देशिका
कोलकाता।”हमारा पाड़ा हमारा समाधान”: 2 अगस्त से शुरू होगा राज्य सरकार का विशेष शिविर, नवान्न ने जिलाधिकारियों को भेजी विस्तृत निर्देशिका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा हाल ही में घोषित की गई योजना “हमारा पाड़ा, हमारा समाधान” (আমাদের পাড়া, আমাদের সমাধান) को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने जिलाधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं। यह विशेष शिविर आधारित कार्यक्रम 2 अगस्त 2025 से 3 नवंबर 2025 तक राज्यभर में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है जन समस्याओं का समाधान स्थानीय बूथ स्तर पर करना और सरकारी सेवाओं को जनता के दरवाजे तक पहुंचाना।
राज्य सचिवालय नवान्न द्वारा जारी अधिसूचना में बताया गया है कि 15 नवंबर 2025 तक सभी प्राप्त आवेदनों का प्रशासनिक मूल्यांकन कर, प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का चयन किया जाएगा। वहीं, 15 जनवरी 2026 से उन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग कमिटी के गठन पर भी विचार किया जा रहा है।
West Bengal CM हमारा पाड़ा हमारा समाधान”: 2 अगस्त से शुरू वर्चुअल बैठक में दिशा-निर्देश
मुख्य सचिव मनोज पंथ ने जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर शिविरों के आयोजन और संचालन के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रत्येक शिविर में संबंधित विभागों के सरकारी अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि अवश्य उपस्थित रहें। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि शिविर प्रारंभ होने से पहले स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि आम नागरिक उत्साहपूर्वक भाग ले सकें।
शिविरों में जमा की गई समस्याओं और उनके समाधान की प्रगति की नियमित रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजनी होगी। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर आगे के कार्यों की दिशा तय की जाएगी।
West Bengal CM हमारा पाड़ा हमारा समाधान”: 2 अगस्त से शुरू बूथ स्तर पर कार्यान्वयन
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस योजना का सबसे खास पहलू है कि यह बूथ आधारित योजना है। राज्यभर के लगभग 80,000 बूथों को आधार बनाकर प्रत्येक तीन बूथों पर एक शिविर आयोजित किया जाएगा। इस प्रकार, करीब 27,000 शिविरों का आयोजन होगा, जहां सरकारी अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम नागरिक एक साथ मिलकर समस्याओं पर चर्चा करेंगे।
प्रत्येक शिविर में पहले स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनी जाएंगी, फिर अधिकारी और जनप्रतिनिधि स्वयं बूथ क्षेत्र का दौरा कर समस्याओं का जायजा लेंगे। इसके बाद शिविर में लौटकर चर्चा के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किस कार्य को प्राथमिकता दी जाए और उसे कैसे पूरा किया जाए।
West Bengal CM हमारा पाड़ा हमारा समाधान”: 2 अगस्त से शुरू प्रत्येक बूथ को 10 लाख रुपये की राशि
राज्य सरकार ने प्रत्येक बूथ के लिए 10 लाख रुपये की राशि आवंटित की है। इस प्रकार राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना पर कुल 80,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण, ट्यूबवेल की स्थापना, ग्रामीण पुलों की मरम्मत, विद्यालयों के अधोसंरचना विकास, पेयजल सुविधा जैसे स्थानीय स्तर के छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे बूथ स्तर से नियमित रिपोर्ट लेकर काम की निगरानी करें और हर जिले में कार्य की प्रगति पर खुद नजर रखें।
West Bengal CM हमारा पाड़ा हमारा समाधान”: 2 अगस्त से शुरू प्रशासनिक दक्षता या चुनावी रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मानता है कि यह योजना 2026 में संभावित विधानसभा चुनावों से पहले सरकारी कार्यक्षमता दिखाने और जनसंपर्क बढ़ाने का एक रणनीतिक प्रयास हो सकता है। वहीं, विपक्ष का कहना है कि यह योजना असल में चुनाव पूर्व बूथ केंद्रित राजनीतिक रणनीति है।
हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि यह योजना पूरी तरह से जनता की दैनिक समस्याओं का त्वरित समाधान करने और प्रशासन को निचले स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई है।
“हमारा पाड़ा, हमारा समाधान” योजना राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल के रूप में उभर रही है, जो यदि सही तरीके से क्रियान्वित होती है, तो यह न केवल जनसरोकार से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगी, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को भी मजबूत बनाएगी।





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